भावनात्मक निबंध किसे कहते हैं (Bhavatmak Nibandh Kise Kahate Hain)

भावनात्मक निबंध किसे कहते हैं (Bhavatmak Nibandh Kise Kahate Hain) पूरी जानकारी!

दोस्तों निबंध लिखना एक कला है, जिसके माध्यम से व्यक्ति अपनी भावनाओं को दूसरे के सामने व्यक्त करता है और अपने लेखन के माध्यम से उन्हें प्रेरणा देने की कोशिश करता है, लेकिन निबंध लिखने के लिए आपका दिमाग रचनात्मक होना चाहिए, जिससे आप जिस विषय पर निबंध लिख रहें है, उसे आप अच्छे ढंग से लोगों को समझा सकें।

बहुत सारे लोग गूगल पर सर्च कर रहे थे, कि भावनात्मक निबंध किसे कहते हैं, लेकिन उनको इसके बारे में सही से जानकारी नहीं मिल पा रही थी, इसीलिए लोगों की बढ़ती हुई डिमांड को देखते हुए हमने सोचा कि क्यों ना भावनात्मक निबंध किसे कहते हैं, इस पर एक आर्टिकल लिखा जाए और लोगों की निबंध लिखने में सहायता की जाए।

तो सबसे पहले हम आपको भावनात्मक निबंध किसे कहते हैं, इसके बारे में बताएंगे, उसके बाद भावनात्मक निबंध के बारे में और भी चर्चा करेंगे, तो आइए अब इस आर्टिकल की शुरुआत करते हैं।

भावनात्मक निबंध किसे कहते हैं | Bhavatmak Nibandh Kise Kahate Hain?

भावनात्मक निबंध किसे कहते हैं | Bhavatmak Nibandh Kise Kahate Hain?

भावनात्मक निबंध उस निबंध को कहते हैं, जिसमें लेखक किसी विशेष विषय पर अपनी भावनाओं अनुभवो तथा विचारों को व्यक्त करता है। भावनात्मक निबंध के माध्यम से लेखक के विचारों और भावनाओं का पता चलता है।

भावनात्मक निबंध का उद्देश्य होता है, कि इसके माध्यम से पाठकों को लेखक की भावनाएं और विचारों के साथ संवाद करने का मौका मिल सके।

भावनात्मक निबंध को लिखने के लिए 3 भाग होते हैं, सबसे पहले आप जिस भी विषय पर निबंध लिख रहे है, उसका परिचय लिखना होगा, तथा दूसरे भाग में लेखक अपने विचारों को व्यक्त करता है, तथा तीसरे भाग में लेखक उस विषय का उपसंहार लिखता है।

तो अब तक आप इस आर्टिकल में निबंध किसे कहते हैं तथा भावनात्मक निबंध को लिखने के लिए किन तरीकों का उपयोग करना होगा, इसके बारे में अच्छी तरह से समझ गए होंगे।

अब हम आपको भावनात्मक एकता पर एक निबंध लिखकर बताएंगे, कि आप किस तरह से अपनी भावनाओं को लोगों के सामने व्यक्त कर सकते हैं, तो आइए आप जानते हैं, कि भावनात्मक एकता पर निबंध कैसे लिखा जाता है?

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भावात्मक निबंध के उदाहरण 

आगे हमने आपके लिए भावनात्मक निबंध पर लिखे गए एक निबंध का उदाहरण दिया है, जिसको पढ़कर आप और अच्छे से समझ सकते हैं कि भावनात्मक निबंध किसे कहते हैं? और किसी को समझा भी सकते हैं।

परिचय:

भावना के स्तर पर एक देश अथवा राष्ट्र के सभी धर्मों के लोगों में एकता का भाव रहना आवश्यक है, इसी भाव को भावनात्मक एकता या भावनात्मक जीवन भी कहते हैं।

संस्कृत की एक कहावत है, संघे शक्ति कलियुगे, अर्थात कलयुग में संघ तथा संगठन में ही वास्तविक शक्ति छिपी रहती है, संगठन और संघ का मूल अर्थ होता है शक्ति, छोटे स्तर पर घर परिवार में सुरक्षित जीवन जीने के लिए जिस प्रकार एकता का भाव आवश्यक होता है।

उसी तरह से विशाल या व्यापक स्तर पर किसी देश की जाति, राष्ट्र के जीवित प्राणवान और सुरक्षित बने रहनें के लिए एकता का भाव बना रहना आवश्यक है, उसके भाव में प्रत्येक स्तर पर विघटन और बिखराब राष्ट्रों की एक आवश्यक नियति बन जाया करती है।

व्याख्या:

हमारा भारत देश एक विशाल और अनेक विविधताओं वाला देश है, हमारे देश की विविधता हमारे प्रकृति और भूगोल में भी दिखाई पड़ती है तथा इसकी रूपरेखा को हमारे सामाजिक व्यवहारों, धर्मों तथा संस्कृतियों में भी देखा जा सकता है।

इसी तरह से खानपान, रहन-सहन, हमारे देश की एक बहुत बड़ी विशेषता है, जिसे हम भारतीय एकता कहते हैं, तथा इसमें अनेक विविधताओं का भारतीय संगम होता है।

हमारे देश का संविधान भी भावनात्मक एकता की गारंटी है, हमारा संविधान प्रत्येक नागरिक को स्वतंत्र रहने की अनुमति देता है, हमारे देश का प्रत्येक व्यक्ति अपने धर्म के अनुसार अपने ईश्वर की उपासना कर सकता है और किसी भी भाषा में एक दूसरे से बातचीत कर सकता है।

हमारा देश एक अखंड देश है, और हमारे देश की अखंडता का लोहा पूरे विश्व मानता है, पुराने समय में हमारा देश सोने की चिड़िया कहलाता था और हमारे देश के बहुत सारे महान लोग जैसे स्वामी विवेकानंद ने अमेरिका में जाकर अंग्रेजी में भाषण देकर भारत के मान को बढ़ाया था, इसी तरह से बहुत सारे महापुरुषों जैसे महात्मा बुद्ध, गांधीजी, ने भी भारत के मान को विश्व में बढ़ाया है।

उपसंहार: 

भारत जैसे वैविध्य संपन्न देश के अस्तित्व की सुरक्षा और स्थायित्व की गारंटी यह भावनात्मक एकता हो सकती है, इसके अभाव में भारत का कोई भी धर्म, वर्ग तथा संप्रदाय अपना अस्तित्व नहीं बचाए रख सकता है। यही भारतीय एकता की जीवन शक्ति है।

इसी एकता ने आज भारत को बहुत सारी कठिनाईया आने के बावजूद भारत की एकता को बनाए रखने में मदद की है और उम्मीद है, कि आगे भी इस एकता को बनाए रखने में मदद करेगा।

लेकिन कुछ लोग भारत की एकता को तोड़ने के लिए केवल अपने निजी स्वार्थ के लिए देश की एकता को खंडित करने का प्रयत्न करते हैं और उग्रवादी किस्म के आचरण कर रहें हैं। ऐसा आचरण आने वाले समय में हमारे देश में जाति और धर्म के आधार पर लोगों को हिंसा पर उतरने के लिए अग्रसर कर सकता है।

इसलिए इस तरह की अवांछित घटनाओं को अंजाम देने वाले व्यक्तियों से सावधान रहकर और उन्हें निर्ममता से कुचलकर ही हमारी देश की एकता को बचाया जा सकता है। अपने देश के अस्तित्व को बचाए रखने के लिए यह परम आवश्यक भी है।

हमें बहुत ही गर्व होता है, कि स्वामी विवेकानंद, तुलसीदास, महात्मा बुद्ध, गांधी जी जैसे लोगों ने हमारे देश में जन्म लिया है, और इन लोगों ने देश की एकता को बनाए रखने के लिए अपना बलिदान भी दे दिया।

इन सभी लोगों ने जाति, धर्म से ऊपर उठकर देश की अखंडता को बनाए रखने के लिए मानवीय एकता को बढ़ावा दिया, अपनी राष्ट्रीय और जातीय एकता को युगों युगों तक बढ़ावा देने के लिए यह आवश्यक है, कि हम अपने महापुरुषों द्वारा दिए गए एकता के संदेश को हमेशा याद रखें और उसी रास्ते पर चलकर अपने देश की एकता को बनाए रखने में सहयोग करें।

भावात्मक निबंध में किसकी प्रधानता होती है? 

आपकी जानकारी के लिए हम आपको बता दें कि भावनात्मक निबंध में मुख्य तौर पर भाव की प्रधानता होती है और अगर आप भावनात्मक निबंध लिखने जा रहे हैं, तो आपको शब्दों के भाव पर विशेष ध्यान देना चाहिए। आप भावनात्मक निबंध में जिस भी शब्दों का उपयोग कर रहे हैं, उसका क्या भाव निकल रहा है, इस पर ध्यान देकर आप अपने निबंध की गुणवत्ता को बढ़ा सकते हैं।

और यह भी सुनिश्चित कर सकते हैं कि जिस भाव को व्यक्त करना चाहते हैं, वह निबंध में प्रदर्शित हो रहा है।

निबंध किसे कहते हैं?

निबंध लेखन का एक रूप है, जिसमें किसी भी विषय के बारे में विस्तार से व्याख्या की जाती हैं, निबंध के माध्यम से लेखक लोगों को उस विषय पर अधिक जानकारी प्रदान करना चाहता है, जिसके बारे में लोग जानने के लिए इच्छुक है।

आजकल सभी स्कूलों में परीक्षाओं में निबंध को लिखवाया जाता है, जिससे विद्यार्थियों का दिमाग विकसित हो सके और वह किसी भी विषय पर लोगों के सामने अपनी बात को रख सकें।

निबंध उन लोगों के लिए बहुत उपयोगी साबित हो सकता है, जो किसी विषय के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं और उसके तथ्यों से अवगत होना चाहते हैं।

किसी भी विषय पर निबंध लिखने के लिए 4 तरीकों का प्रयोग किया जाता है। सबसे पहले निबंध का शीर्षक लिखा जाता है, उसके बाद निबंध का प्रस्तावना लिखा जाता है, उसके बाद विषय विस्तार लिखा जाता है और उसके बाद उपसंहार को लिखा जाता है।

तो आज हम इस आर्टिकल में आपको भावनात्मक निबंध किसे कहते हैं, इसके बारे में विस्तार से बताएंगे, तो आपसे विनती हैं, कि आप इस आर्टिकल को अंत तक पढ़िए।

निष्कर्ष – भावनात्मक निबंध किसे कहते हैं? 

दोस्तों इस आर्टिकल के माध्यम से हमने आपको बताया, की भावनात्मक निबंध क्या होता है तथा उसको लिखने के लिए आपको किन-किन तरीकों का इस्तेमाल करना होगा।

भावनात्मक निबंध को लिखने के लिए हमने एक सैंपल दिया है, जिसकी सहायता से आप अपने लेखन के माध्यम से लोगों के अंदर अपने देशप्रेम को उजागर कर सकते हैं और उन्हें देश की सुरक्षा और अखंडता के प्रति एक संदेश दे सकते हैं।

आशा करता हूं,आपको यह आर्टिकल पढ़कर भावनात्मक निबंध के बारे में पूरी जानकारी मिली होगी।

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